यह खास फल सांप के जहर को कर देता है ख़त्म, शरीर के लिए भी है यह फायदेमन्द

यह खास फल सांप के जहर को कर देता है ख़त्म, शरीर के लिए भी है यह फायदेमन्द। झारखंड की आदिवासी संस्कृति रहस्यों से भरपूर है. यहां के आदिवासियों को आज भी ऐसे कई फलों, अनाजों और औषधियों का ज्ञान है, जिनके इस्तेमाल के बारे में आम लोगों को जानकारी तक नहीं है. आदिवासी आज भी जंगल में मिलने वाले फलों का इस्तेमाल दवा के रूप में करते आ रहे हैं. उन्हीं में से एक अनोखा फल है, जिसके बारे में आदिवासियों की गहरी आस्था है. इस फल का नाम है – आषाढ़ी फल, जो ज्यादातर बारिश के मौसम में ही देखने को मिलता है.

यह भी पढ़िए – रतन टाटा की फुलझड़ी Tata Nano अपने लक्ज़री लुक से ऑटोसेक्टर में जल्द देंगी दस्तक, धासु फीचर्स के साथ मिलेगी 300km की तगड़ी रेंज

बोकारो के जंगलों में छोटे-छोटे कांटेदार पेड़ों पर यह खास फल पाया जाता है. आम तौर पर लोग इसे खाते नहीं हैं. लेकिन, आदिवासी इसे चमत्कारी फल मानते हैं. इस फल का वैज्ञानिक नाम मैना लैक्सीफ्लोरा (Mayna Laxiflora) है. स्थानीय भाषा में इसे आषाढ़ी फल ही कहा जाता है. वहीं, मराठी में इसे रानमेवा (Ranmeva) और दूसरी भाषाओं में मुयना (Muyna) भी कहा जाता है. आदिवासियों की मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ी फल खाने से सांप और बिच्छू के काटने पर जहर का असर कम हो जाता है.

यह फल कर देता है सांप बिच्छू के जहर को कम

पंचोरा गांव के चतुर माझी बताते हैं कि पुराने जमाने में खेतों में काम करने से पहले लोग आषाढ़ी फल खाते थे. गांव वालों की मान्यता है कि इस फल को खाने से खेत में काम करते समय अगर सांप या बिच्छू काट ले, तो जहर का असर कम होगा और समय रहते पीड़ित की जान बचाई जा सकती है. क्योंकि आदिवासी ज़्यादातर जंगलों में ही रहते हैं, इसलिए बारिश के मौसम में उनका सामना सांप-बिच्छुओं से होता रहता है.

यह भी पढ़िए – Toyota के अरमानो पर पानी फेरने आ गई है Mahindra Marazzo की लक्जरी लुक वाली नई कार ,धासु फीचर्स के साथ देखे कीमत

आयुर्वेद डॉक्टर की यह है सलाह

दूसरी तरफ, बोकारो के वरिष्ठ आयुर्वेद डॉक्टर राजेश पाठक का कहना है कि आषाढ़ी फल के बारे में ये आदिवासियों की ही मान्यता है. वैज्ञानिक इलाज के मुताबिक, आषाढ़ी फल में जहर को खत्म करने की क्षमता नहीं होती है, इसलिए सांप के काटने की स्थिति में मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि मरीज का समय पर सही इलाज हो सके.

पाचन शक्ति को भी बढ़ता है यह फल

आयुर्वेद डॉक्टर ने बताया कि आषाढ़ी फल की तासीर गर्म होती है और ये फल मुख्य रूप से पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है. इसके लिए फल को अच्छे से सुखाकर उसका चूर्ण बना लें. रोजाना आधा चम्मच चूर्ण को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से पेट की पाचन शक्ति बढ़ती है. वहीं, गर्भवती महिलाओं और दमा की बीमारी से पीड़ित मरीजों को इस फल का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है.